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Saturday, 29 December 2018

Essay On Pollution In Hindi

Essay On Pollution In Hindi - पर्यावरण प्रदुषण हिंदी निबंध




नमस्कार मित्रों अगर आप भी Internet में Essay On Pollution In Hindi के बारे में जानकारी ढूंढते हैं तो इस पोस्ट में हम आप को Essay On Pollution In Hindi के बारे में जानकारी देंगे।


ESSAY On Pollution In Hindi
Essay on pollution in Hindi, Air Pollution In Hindi, Water Pollution in Hindi 

प्रस्तावना (Introduction) :- 

आज हम जिस बहुत बड़े समस्या से जूझ रहे हैं उसका नाम है प्रदुषण (Pollution ) । और यह समस्या केवल भारत देश की नहीं है अपितु यह समस्या पुरे विश्व की है। प्रदुषण के कारण दिनों-दिन वर्षा कम होती जा रही है, जिससे किसान सूखे की समस्या से रूबरू हो रहे हैं। और अगर वर्षा होती भी है तो समय से हट कर जो फसल को बर्बाद ही करती है। दिनों-दिन गर्मी बढ़ती जा रही है, कहीं फसल में पानी की कमी है तो कहीं लोग बूंद बूंद को तरस रहे हैं। विश्व ग्लोबल वार्मिंग (Global warming) का शिकार हो रही है। और ठंड के दिनों में हाल तो यह होती है कि मृत्यु दूर नहीं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि पर्यावरण ने अपना व्यवहार बदल दिया है, और इन सब का कारण है पर्यावरण प्रदुषण (Environmental Pollution ) । प्रकृति में लगातार गिरावट आई है, लगातार प्रकृति ने अपनी शुद्धता खोई है। प्रकृति में लगातार अवांछित तत्वों का समावेश हो रहा है तथा किया जा रहा है। और यह प्रदुषण नाम का दानव धिरे-धिरे पूरी दुनिया को निगल रहा है। अतः इस समस्या से निजात पाने के लिए पूरे विश्व को मिलकर काम करना होगा। ता कि यह विश्व प्रदूषण मुक्त बन सके।

प्रदूषण की परिभाषा ( Definition of Pollution)

पर्यावरण प्रदूषण को समझने के लिए हमें किसी खास परिभाषा की आवश्यकता नहीं है। पर्यावरण प्रदूषित को सामान्यतः कहा जा सकता है कि "पर्यावरण में किसी भी अवांछित तत्वों का समावेश हो जाना" पर्यावरण प्रदूषण कहलाता है। अर्थात किसी भी तत्व या पदार्थ का एक शुद्धतम रूप होता है लेकिन जब उसमें कोई अन्य तत्व या पदार्थ मिश्रित हो जाता है तो मूल तत्व अपनी शुध्दता खो बैठता है, इसे ही प्रदूषण कहते हैं ।और जब यह पर्यावरण के साथ होता है तो इसे पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं। अब हमें यह तो पता है कि पर्यावरण में अवांछित तत्वों का समावेश पर्यावरण प्रदूषण कहलाता है, लेकिन उस अवांछित तत्व को क्या कहते हैं, जिसके पर्यावरण में मिश्रित हो जानें से पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है? तो उसे कहते हैं प्रदूषक(Pollutants)। इस प्रकार प्रदूषण तथा प्रदूषक को परिभाषित किया जा सकता है। 

प्रदूषण के प्रकार (Kinds Of Pollution) 

प्रदूषण को मुख्य रूप से 5 भागों में विभाजित किया जा सकता है :-
  1. वायु प्रदूषण (Air Pollution) 
  2. जल प्रदूषण (Water Pollution) 
  3. मृदा प्रदूषण (Soil Pollution) 
  4. ध्वनि प्रदूषण (Sound Pollution) 
  5. रेडियोधर्मी प्रदूषण (Radioactive Pollution) 

  1. वायु प्रदूषण :- 

ESSAY ON POLLUTION IN HINDI
Essay On Pollution In Hindi, Air Pollution In Hindi 

वायु में मुख्य रूप से ऑक्सिजन(Oxygen)., नाइट्रोजन(Nitrogen), कार्बन डाई ऑक्साइड (Carbon Dixide), आर्गन(Ar), हीलियम(Helium) Krypton गैस शामिल रहते हैं। जिसे शुध्द वायु कहते हैं। लेकिन जब वायु मे इन गैसों के अलावा कोई दूसरा गैस मिश्रित हो जाता है, तो वायु शुध्दता खो बैठती है। जिससे वायु प्रदूषित हो जाती है। यह गैस Co, So2, CFC हो सकती है। 

2. जल प्रदूषण (Water Pollution) 

जल एक रंगहीन और गंध हीन पदार्थ है। रसायन में जल का सूत्र H2O होता है, अर्थात जल हाइड्रोजन और ऑक्सिजन का मिश्रण है। लेकिन पानी में जब कई तरह के गंदगी आ जाती है तब उस जल को प्रदूषित जल माना जाता है। 

3. मृदा प्रदूषण (Soil Pollution) 

Essay On Pollution In Hindi
Essay On Pollution In Hindi soil pollution 


पिछले कुछ दशकों में मिट्टी ने अपनी गुणवत्ता खोई है । मिट्टी कई तरह के खनिज लवण से मिलकर तैयार होता है इन तत्वों के मात्रा में कमी या वृद्धि से मिट्टी प्रदूषित कहलाती है। 

4. ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution)


सामान्यतः मनुष्य 60 db(डेसिबल) के अवाज को सुन सकते हैं। लेकिन कोई ध्वनि अगर इससे अधिक अवाज करने लगता है तो वह शोर प्रतीत होता है, इसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। 

5. रेडियोधर्मी प्रदूषण (Radio Active pollution)

रेडियोधर्मी प्रदूषण मुख्यतः परमाणु हथियारों के उपयोग तथा परीक्षण से होता है। यह बहुत ही खतरनाक होता है। द्वितीय विश्व युद्ध में नागासाकी और Hiroshima पर परमाणु बम उपयोग किया गया था, जिसके परिणाम आज भी देखने को मिलता है। वहां के बच्चे आज भी अपंग पैदा होते हैं। 

प्रदूषण के कारण (Causes Of Pollution) 

अब प्रदूषण सर्वत्र व्याप्त है तो जाहिर है कि प्रदूषण के कारण भी होंगे, प्रदूषण के निम्न कारण है :- 

जल प्रदूषण के कारण (Causes Of Water Pollution) 

  •  कारखानों में उपयोग किया हुआ जल नाली से बड़े जल स्रोतों में मिला दिया जाता है जिससे जल प्रदूषण होता है। 
  • किसान खेती के लिए विभिन्न प्रकार के कीट नाशको का उपयोग करते हैं जो बहते हुए जल स्रोतों से मिलकर जल को प्रदूषित बनाते हैं। 
  • परमाणु परीक्षण के लिए समुद्र का चुनाव किया जाता है और यह समुद्री जल को प्रदूषित बनाती है। 
  • पेट्रोलियम पदार्थों के रिसाव के कारण जल प्रदूषण होता है। 
  • ऐसे जल स्रोत जहां कई तरह के गतिविधियां होती हैं जैसे नहाना, धोना, कपड़े सफाई, पीने के लिए उपयोग करना, पशुओं को नहलाना आदि इन सबके उपयोग से निश्चित रूप से जल प्रदूषित होता है। 

वायु प्रदूषण के कारण (Causes Of Air Pollution) 

  • बड़े कारखानों से निकलने वाला धुआँ वायु प्रदूषण का मुख्य कारण है ।
  • वाहनों से निकलने वाली धुआँ भी वायु को प्रदूषित करने में मुख्य भूमिका निभाती है। 
  • शादी व्याह तथा सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान होने वाले आतिशबाजी भी वायु प्रदूषण का कारण है। 
  • परमाणु परीक्षण के दौरान विभिन्न तरह के गैस निकलती है जो वायु को प्रदूषित करती है। 

मृदा प्रदूषण के कारण (Causes Of Soil Pollution) 

  • रासायनिक खाद (Chemical Fertilizers) का अधिक उपयोग 
  • मृदा प्रदूषण का मूल जल प्रदूषण है। 
  • खाली जगहों पर ठोस कचरा को सड़ने के लिए छोड़ देना 
  • प्लास्टिक के उपयोग के पश्चात उसे फेंक देने से प्लास्टिक जमीन में नहीं सड पाता है और वह मृदा प्रदूषण का कारण बनती है। 
  • हॉस्पिटल के अपशिष्ट पदार्थ मिट्टी को बेकार और प्रदूषित करती है। 

ध्वनि प्रदूषण के कारण (Causes Of Noise Pollution) 

  • कारखानों में उपयोग होने वाले मशीन की आवाज ध्वनि प्रदूषण होता है। 
  • वाहनों से निकलने वाली चिल्ल-पों ki आवाज भी ध्वनि प्रदूषण का कारण है। 
  • शादी व्याह में होने वाली आतिशबाजी से भी ध्वनि प्रदूषण होता है। 

रेडियोधर्मी प्रदूषण (Causes Of Radio-Active Pollution ) 

  • रेडियोधर्मी प्रदूषण का मुख्य कारण परमाणु हथियारों का इस्तेमाल तथा परीक्षण है। हॉस्पिटल के अपशिष्ट पदार्थ भी इसके कारण हो सकते हैं। 

प्रदूषण के कुप्रभाव (Impacts of Pollution) 

प्रदूषण के निम्न प्रभाव है :-

वायु प्रदूषण के प्रभाव (Impacts of Air Pollution) :- 

  • वायु प्रदूषण के कारण asthma दमा जैसे बीमारियां हो रही है। 
  • वायु प्रदूषण के कारण बारिस कम हो रही है तथा अपना समय बदल रही है। 
  • वायु प्रदूषण शुध्द वायु नहीं मिल रही है। 
  • वायु प्रदूषण के कारण दूर के i वस्तु तथा मूर्ति धुंधले दिखायी देती है। 

जल प्रदूषण के प्रभाव (Impacts of Water Pollution) 

  • सर्वत्र प्रदूषित जल उपलब्ध होने के कारण गंदी पानी उपयोग करने हेतु विवश होना पड़ रहा है। 
  • गंदी पानी पीने से कई तरह के बीमारी होने की आशंका है। 

मृदा प्रदूषण के प्रभाव (Impacts Of Soil Pollution) 

  • मृदा प्रदूषण के कारण मिट्टी लगातार बंजर होती जा रही है। 
  • मृदा प्रदूषण के कारण फसलों की उत्पादन क्षमता कम होती जा रही है। 
  • प्रदूषित मृदा से उत्पन्न अन्न का सेवन करके लोग भी बीमार पड़ रहे हैं। 

ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव (Impacts Of Noise Pollution  

  • ध्वनि प्रदूषण के कारण लोग बहरापन का शिकार हो रहे हैं। 
  • ध्वनि प्रदूषण के कारण चिड़चिड़ापन बढता है। 
  • ध्वनि प्रदूषण के कारण ब्लडप्रेशर high होता है। 
  • और भी कई प्रकार के बीमारियां ध्वनि प्रदूषण ke कारण होती है। 


रेडियोधर्मी प्रदूषण के प्रभाव (Impacts Of Radio-Active Pollution) 

रेडियोधर्मी प्रदूषण के कारण skin से संबंधित कई तरह के प्रदूषण होते है। रेडियोधर्मी 

प्रदूषण से बचाने के उपाय (Prevention Of Pollution) 

  • कारखानों को गाँव शहरों से दूर स्थापित करना चाहिए जिससे वायु प्रदूषण को रोका जा सकता है।
  • करखानों में मशीनों के अवाज को कम करने के लिए ध्वनि अवशोषक यंत्रों का उपयोग किया जाना चाहिए। 
  • हो सके तो कारखानों में कोयला के जगह अन्य वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए। 
  • अधिक आवश्यकता पड़ने पर ही वाहन का उपयोग किया जाना चाहिए जिससे धुआँ कम विसर्जन हो और वायु प्रदूषण को रोका जा सके। 
  • शादी व्याह तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में आतिशबाजी पर रोक लगाने की कोशिश करनी चाहिए। 
  • परमाणु हथियारों के परीक्षण पर रोक लगाने की सख्त जरूरत है, यदि संभव हो तो। 

  • कारखानों से विसर्जित जल को शुद्धि करन ke पश्चात ही जल स्रोतों में छोड़ जाना चाहिए जिससे जल प्रदूषण नियंत्रित हो सके। 
  • जल में परमाणु परीक्षण नहीं करना चाहिए। 
  • समुद्री जल में पेट्रोलियम पदार्थों के रिसाव पर ध्यान दिया जाना चाहिए। 
  • फसलों में किट नाशक का उपयोग कम किया जा सकता है। 
  • फसलों में रासायनिक खाद के जगह जैविक खाद का निर्माण वा उपयोग किया जाना चाहिए। 
  • ठोस कचरा का Recycle किया जाना चाहिए। 
  • प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित कर देना चाहिए
  • प्लास्टिक के जगह बाँस के बने वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए। 
  • Loud Speaker के अवाज को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। 
  • इन सब सावधानियों में से सबसे ज्यादा प्रभाव शाली तरीका है पेड़ लगाना,। 

निष्कर्ष (Result) :-

अंत में यही निष्कर्ष निकाला है कि हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए और पूरी दुनिया में भाईचारे का विस्तार करना चाहिए। स्वयं साफ रहे तथा आस पड़ोस को साफ सुथरा रखे, ना प्रदूषण करें और ना ही करने दें। और मित्रों आपको यह पोस्ट "Essay On Pollution In Hindi" कैसी लगी Comment के माध्यम से जरूर बताइएगा। 



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